BJP और JD(U) ने अपने-अपने कोटे की चार-चार सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की है। BJP ने भोजपुरी एक्टर पवन सिंह, अनिल कुमार ठाकुर, डॉ. संजय मयूख, और शीला पंडित को मैदान में उतारा है।
वहीं, JD(U) ने निशांत कुमार, शिवरानी देवी प्रजापति और भारती मेहता के साथ-साथ उपचुनाव के लिए ललन प्रसाद को उम्मीदवार बनाया है। इन नामों के ऐलान से यह साफ हो गया है कि दीपक प्रकाश को MLC चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिलेगा।
बिहार विधानसभा की मौजूदा संख्या बल के आधार पर, एक MLC सीट जीतने के लिए लगभग 25 विधायकों के वोटों की ज़रूरत होती है। NDA के पास इतनी संख्या है कि वह आसानी से आठ उम्मीदवारों को जिता सकती है। चार-चार उम्मीदवार उतारकर BJP और JD(U) ने सभी सीटों पर अपनी दावेदारी पक्की कर ली है।
सीटों के गणित की वजह से दीपक प्रकाश की दावेदारी कमजोर पड़ी
गठबंधन में बची हुई सीट पर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। नतीजतन, राष्ट्रीय लोक मोर्चा को कोई सीट नहीं मिली, जिससे दीपक प्रकाश की दावेदारी कमजोर पड़ गई।

MLC चुनाव के लिए वोटिंग 18 जून को होनी है। इससे पहले, दीपक प्रकाश को टिकट न मिलना और उनके मंत्री पद को लेकर बनी अनिश्चितता ने बिहार की राजनीति में नए सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नज़रें आने वाले दिनों में उनके राजनीतिक भविष्य पर और इस बात पर टिकी हैं कि क्या वह अपना मंत्री पद बचाने का कोई रास्ता निकाल पाते हैं या नहीं।



